पूज्य झरनेश्वर महादेव सिन्धी मण्डल द्वारा भगत कंवरराम जयन्ति आगामी मंगलवार को मनाई जायेगी
अजमेर 09 अप्रेल 2026 पूज्य झरनेश्वर महादेव सिन्धी मण्डल के महासचिव रमेश लालवानी ने जानकारी प्रदान करते हुए बताया है कि सिन्ध के महान सन्त भगत कंवरराम की जयन्ति के अवसर पर 13 अप्रैल, 1885 को बैसाखी के दिन सिंध (वर्तमान पाकिस्तान) के जरवार गाँव में जन्मे संत कंवर राम सिंधी समाज के एक महान संत, गायक और मानवतावादी थे।उनकी जयंती देश विदेश में (13 अप्रैल) को सिंधी समुदाय में उत्साह के साथ मनाई जाती है।भगत कंवरराम अपने मधुर भजनों (लाडा) और गरीब-दुखियों की सेवा के लिए विख्यात है और इसी क्रम में जाने पहचाने जाते हैं, जो सत्य, प्रेम, भाईचारे और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक माने जाते हैं।भगत कंवर राम जयंती उनके जन्म और प्रारंभिक जीवन से उनका जन्म 13 अप्रैल 1885 को जरवार, जिला सक्खर (सिंध) में हुआ था।उनके पिता का नाम ताराचंद और माता का नाम तीर्थबाई था, जो कि अत्यंत सादगीपूर्ण जीवन जीते थे।ाध्यात्मिक झुकाव संत कंवर राम बचपन से ही ईश्वर के प्रति समर्पित थे।उन्होंने संत सतराम दास साहिब के सानिध्य में आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की और उन्हें अपना गुरु माना।गायन और भजन से उनकी आवाज बहुत मधुर थी और वे अपने भजनों से लोगों के दिलों को छू लेते थे। वे विशेष रूप से सिंधी समाज में (शुभ विवाह के गीत) गाने के लिए प्रसिद्ध है।भगत कंवरराम के हिन्दू मुस्लिम सब बहुत संख्या में अनुयायी रहे है आज भी वर्तमान पाकिस्तान के रूक स्टेशन पर उनका बहुत विशाल स्थान बना हुआ है।समाज सेवा से अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों में बाँट देते थे।उनके अनुसार, मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा थी।शहीद का दर्जा उन्हें अमर शहीद कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने 1939 में रूक रेलवे स्टेशन पर धर्म के लिए अपना बलिदान दे दिया था। रमेश लालवानी ने बताया कि आगामी मंगलवार 14 अप्रेल को भगत कंवरराम और संविधान निर्मात्री सभा के अध्यक्ष डा.भीमराव अम्बेडकर जयन्ति के उपलक्ष में झरनेश्वर महादेव मन्दिर में आम भण्डारे लंगर प्रसादी का आयोजन किया जायेग।
- Posted By:- Abdul Qadir || Date:- 10 April 2026
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