दरगाह क्षेत्र में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त,नोटिस के बाद दरगाह कमेटी ने खुद शुरू की तोड़फोड़, “सोलह खंभा शौचालय” मामला गरमाया

अब्दुल क़ादिर अजमेर। दरगाह के निकट स्थित सोलह खंभा शौचालय परिसर में कथित अवैध निर्माण को लेकर दायर अवमानना याचिका पर राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट की सख्ती के बाद अब दरगाह कमेटी ने खुद ही अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है। हाईकोर्ट का सख्त निर्देश 08 अप्रैल 2026 को याचिकाकर्ता सैयद फखर काजमी चिश्ती, सैयद बाबर हुसैन चिश्ती, अब्दुल नईम, गुलाम मुस्तफा एवं अनवर अली ने अधिवक्ता आशीष सक्सेना और हर्षित मित्तल के माध्यम से अवमानना याचिका दायर की। याचिका में आरोप लगाया गया कि दरगाह कमेटी ने शौचालय के लिए निर्धारित भूमि पर नियमों के विरुद्ध निर्माण किया। D.B. Civil Contempt Petition No. 1301/2023 की सुनवाई में न्यायमूर्ति इंदरजीत सिंह एवं न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने नगर निगम अजमेर को निर्देश दिया कि स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण हटाने पर शपथ-पत्र पेश किया जाए। 🧾 याचिका में गंभीर आरोप याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दरगाह कमेटी ने शौचालय हेतु निर्धारित भूमि पर नियमों के विरुद्ध निर्माण कर दिया और MOU के जरिए योजना में बदलाव किया। MOU के जरिए बदली गई निर्माण योजना भूतल पर वेटिंग हॉल की जगह ऑफिस और दुकानें ऊपरी मंजिलों पर हॉल व कमरे मौके की स्थिति पर नया खुलासा मौके पर निरीक्षण में सामने आया है कि भूतल पर बनाए गए वेटिंग हॉल में शटर लगाए गए हैं, जिससे उसका उपयोग व्यावसायिक रूप में किया जा रहा है। इस पर याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय में मांग की है कि भूतल पर लगे शटर हटाए जाएं और उस स्थान का उपयोग मूल योजना के अनुसार वेटिंग हॉल (Waiting Hall) के रूप में ही किया जाए। निगम ने भी माना – नक्शे के खिलाफ निर्माण न्यायालय में प्रस्तुत जवाब में नगर निगम अजमेर ने स्वीकार किया कि निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत हुआ है। कोर्ट ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। नोटिस के बाद शुरू हुई तोड़फोड़ नगर निगम के नोटिस के बाद दरगाह कमेटी ने अवैध हिस्सों को तोड़ना शुरू कर दिया है। प्रशासन मौके पर नजर बनाए हुए है। पुराने MOU बना विवाद की जड़ पूर्व नाजिम अशफाक हुसैन के कार्यकाल में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सोलह खंभा शौचालय योजना बनी थी। भूतल: दरगाह दीवान साहब प्रथम व द्वितीय तल: दरगाह कमेटी (शौचालय) तृतीय तल: दीवानसाहब द्वारा कमरे इसके बाद हुए अन्य MOU में बदलाव ने विवाद को जन्म दिया। प्रमुख प्रतिवादी मोहम्मद बिलाल खान (नाजिम एवं CEO, दरगाह कमेटी) देशल दान (आयुक्त, नगर निगम अजमेर) दीवान सैयद जैनुलाबेदिन अली खान (सज्जादानशीन) अगली सुनवाई 28 अप्रैल को अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को होगी, जिसमें निगम की रिपोर्ट और कार्रवाई पर अदालत आगे फैसला करेगी।

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