इंदौर का अनोखा मॉडल,खजराना गणेश मंदिर में फूलों से बन रही खाद, स्वच्छता के साथ आमदनी भी

मुकेश प्रजापत इंदौर, मध्य प्रदेश देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान बना चुका इंदौर एक बार फिर अपने नवाचारों के कारण चर्चा में है। शहर का प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का अनोखा उदाहरण पेश कर रहा है। मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों किलो फूल, पत्तियां और अन्य जैविक सामग्री निकलती है, लेकिन खास बात यह है कि यहां से निकलने वाला एक भी फूल कचरे में नहीं फेंका जाता। इन सभी फूलों और जैविक कचरे को वैज्ञानिक तरीके से रिसायकल कर जैविक खाद (कंपोस्ट) में बदला जा रहा है। इस पहल से न केवल कचरा प्रबंधन की समस्या का समाधान हो रहा है, बल्कि मंदिर प्रशासन को अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त हो रही है। तैयार की गई खाद का उपयोग बागवानी और हरित परियोजनाओं में किया जाता है, जिससे पर्यावरण को भी लाभ मिल रहा है। इंदौर की यह पहल अन्य शहरों और धार्मिक स्थलों के लिए एक प्रेरणा बन रही है, जहां स्वच्छता के साथ-साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

+