जुनून नहीं होता रिटायर: उम्र के इस पड़ाव पर भी चुनावी मैदान में उतरे प्रणब रॉय

कोलकाता/नई दिल्ली। कहते हैं कि असली जुनून कभी रिटायर नहीं होता, और इस बात को एक बार फिर साबित किया है प्रणब रॉय ने। NDTV के सह-संस्थापक और वरिष्ठ पत्रकार रॉय, जिनके पास जीवनभर की उपलब्धियां और संसाधन हैं, वे आराम की जिंदगी चुनने के बजाय फिर से मैदान में उतर आए हैं। इन दिनों वे हाथ में माइक और मोबाइल लेकर पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल को करीब से कवर करते नजर आ रहे हैं। उनकी यह सक्रियता न सिर्फ युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है। वरिष्ठ पत्रकार होने के बावजूद उनका जमीनी स्तर पर जाकर रिपोर्टिंग करना इस बात का उदाहरण है कि सच्चा पत्रकार हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहता है। प्रणब रॉय का यह कदम यह संदेश देता है कि उम्र केवल एक संख्या है, और यदि दिल में जुनून हो तो कोई भी व्यक्ति अपने कार्य से कभी दूर नहीं हो सकता। पत्रकारिता के इस जज्बे को सलाम—क्योंकि पत्रकार हमेशा पत्रकार ही रहता है।

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