दरगाह के पुराने किराएदारों का फूटा आक्रोश, 20 से 30 गुना किराया बढ़ाने का आरोप, किराएदारों ने आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी

अजमेर। दरगाह ख्वाजा साहब के पुराने किराएदारों से जुड़े मुद्दे को लेकर अजमेर दरगाह किराएदार विकास समिति की आवश्यक एवं आपातकालीन बैठक आयोजित हुई। बैठक में दरगाह नाजिम बिलाल खान और सहायक नाजिम मोहम्मद आदिल की कार्यप्रणाली को लेकर किराएदारों ने नाराजगी जताते हुए पुराने किराएदारों के साथ कथित रूप से हो रहे उत्पीड़न का विरोध किया।
20 से 30 गुना किराया बढ़ाने का आरोप
समिति ने आरोप लगाया कि वर्षों से दरगाह की दुकानों में कारोबार कर रहे पुराने किराएदारों पर दबाव बनाकर किराए में 20 से 30 गुना तक की वृद्धि की जा रही है। इसके साथ ही दुकानों को खाली कराने और बेदखली की कथित धमकियां दिए जाने का भी मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।
दरगाह कमेटी के अस्तित्व को लेकर सवाल
किराएदारों का कहना है कि दरगाह ख्वाजा साहब का प्रबंधन दरगाह ख्वाजा साहब एक्ट, 1955 के तहत संचालित होता है। समिति के अनुसार वर्तमान में दरगाह कमेटी का कोई वैध बोर्ड मौजूद नहीं है, इसके बावजूद नाजिम और सहायक नाजिम के स्तर पर पुराने किराएदारों को लेकर निर्णय किए जा रहे हैं।
बैठक में किराएदारों ने कहा कि ‘लीज रूल 2014’ के नाम पर दशकों पुराने किराएदारों पर कार्रवाई और आर्थिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। समिति ने इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
समिति ने चेतावनी दी कि यदि पुराने किराएदारों को परेशान करने, किराए में वृद्धि और बेदखली की कथित धमकियों का सिलसिला नहीं रुका तो मामला अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार और जिला प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर सभी किराएदारों को एकजुट कर आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है।
बैठक में अध्यक्ष काजी अनवर अली सहित नदीम अंसारी, अंसार अहमद, दिलशाद खान, फजलुर रहीम, लाल खान, इकबाल कुरैशी, हामिद खान, जहीर खान, हारून खान, प्रकाश तेजवानी, मुकेश चौरसिया, सिराज अहमद और आरिफ मोहम्मद सहित अन्य किराएदार मौजूद रहे।

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