पॉक्सो मामले में आरोपी फिरोज खान साक्ष्य के अभाव में बरी, एडवोकेट अलादीन खान चीता और मोईनुद्दीन चीता ने की पैरवी

​अजमेर। विशिष्ट न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट कोर्ट), अजमेर ने नाबालिग लड़की का अपहरण कर बलात्कार करने के आरोपी फिरोज खान को संदेह का लाभ देते हुए बाइज्जत बरी करने का आदेश जारी किया है। ​मामले की जानकारी देते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता अलादीन खान चीता एवं मोईनुद्दीन चीता (नोसर) ने बताया कि यह प्रकरण दरगाह थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। दरगाह थाने में 24 दिसंबर 2025 को आरोपी फिरोज खान (निवासी रामदास नगर, चिखली, महाराष्ट्र) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1), 127(2), 137(2) तथा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी और नाबालिग लड़की को महाराष्ट्र से दस्तयाब किया था। ​न्यायालय में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास है और अलग-अलग स्तर पर घटना की पुष्टि (ताहीद) नहीं हो पा रही है। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में असफल रहा। गवाहों के विरोधाभासी बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी फिरोज खान को संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) देते हुए बाइज्जत बरी करने का फैसला सुनाया।

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