ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार में आस्था का अनूठा नजारा, 18 घोड़ों ने निजाम गेट पर दी सलामी

अजमेर, 14 जून। विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती गरीब नवाज की दरगाह में रविवार सुबह आस्था, श्रद्धा और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। गुजरात के गांधीनगर से आए जायरीनों के एक दल ने 18 घोड़ों के साथ दरगाह शरीफ में हाजिरी लगाई और दरगाह के मुख्य प्रवेश द्वार निजाम गेट के बाहर घोड़ों से विशेष सलामी दिलाई। ढोल की थाप और पारंपरिक अंदाज में प्रस्तुत इस अनोखे कार्यक्रम ने वहां मौजूद हजारों जायरीनों और स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। घोड़ों ने तालबद्ध अंदाज में कई आकर्षक करतब दिखाए, जिन्हें देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और कई श्रद्धालुओं ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। गुजरात से आए जायरीनों ने बताया कि उन्हें ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार में गहरी आस्था है। उन्होंने कहा कि पहली बार वे इतनी बड़ी संख्या में घोड़ों को विशेष रूप से अजमेर लेकर आए हैं। उनका उद्देश्य ख्वाजा साहब के दरबार में हाजिरी देना, सलामी पेश करना और अपनी मन्नत पूरी करना था। जायरीनों के अनुसार ये घोड़े विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में भी भाग लेते हैं, लेकिन ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में सलामी पेश करना उनके लिए विशेष महत्व रखता है। दरगाह क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा से जुड़ा यह अनूठा दृश्य पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा तथा उपस्थित लोगों ने इसे ख्वाजा साहब की दरगाह से जुड़ी अद्भुत परंपराओं में एक यादगार पल बताया।

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