राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर दौसा में उमड़ा जनसैलाब! सचिन पायलट का बड़ा राजनीतिक धमाका, मंच पर जुटे दिग्गज नेता

सम्पादक, अब्दुल क़ादिर,, जयपुर/दौसा (भण्डाना)11जून 2026, राजस्थान की राजनीति में आज का दिन बेहद ऐतिहासिक और शक्ति प्रदर्शन का गवाह बना। पूर्व केंद्रीय मंत्री और किसानों के मसीहा स्व. राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि (प्रेरणा दिवस) पर दौसा के भण्डाना स्थित स्मृति स्मारक पर एक भव्य श्रद्धांजलि और विशाल प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ तापमान के बावजूद पूरे प्रदेश से आए हजारों कार्यकर्ताओं के हुजूम और "राजेश पायलट अमर रहें" के गगनभेदी नारों से पूरा भण्डाना गूंज उठा. इस बेहद भावुक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सचिन पायलट ने अपने दोनों बेटों आरान पायलट और विहान पायलट के साथ पिता के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की. इसके बाद आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से लेकर राजस्थान के दर्जनों दिग्गज सांसदों, विधायकों और युवा नेताओं ने एक जाजम पर बैठकर पायलट के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई. मंच पर मौजूद रहे ये दिग्गज नेता: पायलट कैंप की भारी एकजुटताइस कार्यक्रम में सचिन पायलट के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के लिए कांग्रेस के कई बड़े चेहरे, नवनिर्वाचित सांसद, वर्तमान विधायक और युवा संगठनों के अध्यक्ष विशेष रूप से भण्डाना पहुंचे. वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री:कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, रघुवीर मीणा, रमेश मीणा विधायक एवं युवा नेता: अभिमन्यु पूनिया (विधायक एवं यूथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष),विधायक मुकेश भाकर, विधायक अमीन कागजी,विधायक रामनिवास गावड़िया, पुष्पेंद्र भारद्वाज महिला व वरिष्ठ नेता: सोना देवी, सोड़ा महेश, चंद्रकला गुर्जर, मांगीलाल गुर्जर अन्य प्रमुख नेता: घनश्याम महर, अनीता सिंह सहित दौसा, करौली, अलवर और भरतपुर संभाग के दर्जनों पूर्व विधायक, प्रधान, जिला प्रमुख और हजारों की संख्या में किसान संगठनों के पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे. गहलोत के "बेटे वाले बयान" पर पायलट का सबसे बड़ा और नपा-तुला पलटवार: पिछले कुछ दिनों से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा सचिन पायलट को लेकर दिए जा रहे बयानों पर पायलट ने मुस्कुराते हुए बड़ा सियासी तीर छोड़ दिया. भण्डाना में मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट ने कहा:"अशोक गहलोत जी का जितना स्नेह और लगाव उनके बेटे वैभव गहलोत के साथ है, उतना ही स्नेह, लाड़ और लगाव मेरे साथ भी है। हम सब कांग्रेस के अनुशासित सिपाही हैं और हमारा एकमात्र मकसद राजस्थान और देश में पार्टी को मजबूत करना है।"पायलट के इस सधे हुए बयान के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पायलट ने बिना किसी कड़वाहट के पूर्व सीएम को बेहद गरिमापूर्ण ढंग से आईना दिखा दिया है. युवाओं और किसानों के मुद्दे पर भजनलाल सरकार को घेरा: श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सचिन पायलट और मंच पर मौजूद नेताओं ने राजस्थान की वर्तमान भाजपा (भजनलाल) सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखे हमले किए: NEET पेपर लीक पर आक्रोश: पायलट ने कहा कि देश में नीट (NEET) परीक्षा में हुए महाघोटाले और पेपर लीक ने 22 लाख से अधिक नौजवानों और उनके माता-पिता के सपनों को पूरी तरह तबाह कर दिया है. भ्रष्टाचार और बदहाल कानून व्यवस्था: राजस्थान में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है. सरकार जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय आंखें मूंदकर बैठी है. निकाय चुनाव टालने की साजिश: सरकार जनता के गुस्से से इतनी डरी हुई है कि सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद भी स्थानीय निकाय चुनाव कराने से कतरा रही है और बहाने ढूंढ रही है. किसानों का अपमान: पायलट ने कहा कि भाजपा के नेताओं का यह सोचना कि किसान सिर्फ 20 दिन काम करता है, उनकी किसान-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. आज देश का किसान, मजदूर और गरीब महंगाई व तेल-गैस के बढ़ते दामों से त्रस्त है. जब तक गरीब का बच्चा नीति बनाने वाले पद पर नहीं बैठेगा... "कार्यक्रम के दौरान स्व. राजेश पायलट के उस ऐतिहासिक कथन को बार-बार दोहराया गया, जो आज भी लाखों युवाओं का मंत्र है:"जब तक इस देश के गरीब, मजदूर और किसानों के बच्चे पढ़-लिखकर उन कुर्सियों और पदों पर नहीं पहुंचेंगे जहां से देश की नीतियां बनती हैं, तब तक सही मायनों में भारत का वास्तविक विकास असंभव है।"

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