विश्व विख्यात गायक संगीतकार रामशंकर ने परिवार सहित ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में की जियारत, देश में अमन-चैन की मांगी दुआ

मोहम्मद नज़ीर क़ादरी,, अजमेर। 7 जून,अपनी मधुर और आध्यात्मिक गायकी के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध गायक रामशंकर ने अपने परिवार के साथ विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में पहुंचकर जियारत की। इस दौरान राम शंकर प्लेबैक सिंगर म्यूजिक डायरेक्टर, आदित्य शंकर सिंगर म्यूजिक डायरेक्टर,प्लेबैक सिंगर स्नेहा शंकर ने दरगाह शरीफ में अकीदत के साथ हाजिरी देकर मुल्क में अमन, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी। दरगाह शरीफ पहुंचने पर गायक संगीतकार रामशंकर और उनके परिवार का खादिम सैयद कमालुद्दीन चिश्ती, सैयद अजहर चिश्ती द्वारा स्वागत किया गया। जियारत से पूर्व उन्होंने पायेति दरवाजे पर बैठकर ख्वाजा गरीब नवाज की शान में सूफियाना कलाम पेश किया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने वहां मौजूद जायरीन और अकीदतमंदों को आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर कर दिया। उन्होंने प्रसिद्ध सूफियाना कलाम "हिंद के बादशाह की चादर है, ख्वाजा है ऐ ख्वाजागा की चादर है" को अपनी खास शैली में प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की। सूफियाना कलाम की प्रस्तुति के बाद रामशंकर अपने परिवार के साथ दरगाह शरीफ के अंदर पहुंचे, जहां उन्होंने मखमली चादर और अकीकत के फूल पेश कर ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में अकीदत का नजराना पेश किया। इस अवसर पर उन्होंने देश में शांति, सद्भाव, खुशहाली और मानवता की भलाई के लिए दुआ की। साथ ही सभी धर्मों और समुदायों के बीच प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। रामशंकर ने कहा कि अजमेर शरीफ की दरगाह पूरी दुनिया में मोहब्बत, इंसानियत और सूफी परंपरा का प्रतीक है। यहां आकर उन्हें हमेशा आध्यात्मिक सुकून और आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज की शिक्षाएं मानवता, प्रेम और सेवा का संदेश देती हैं, जिन्हें अपनाकर समाज में सौहार्द और एकता को मजबूत किया जा सकता है। जियारत के दौरान दरगाह शरीफ के खादिम खादिम सैयद कमालुद्दीन चिश्ती, सैयद अजहर चिश्ती ने उन्हें पारंपरिक रूप से दस्तारबंदी कर सम्मानित किया। साथ ही दरगाह शरीफ का पवित्र तबर्रुक भी भेंट किया गया।

+