श्यामा प्रसाद मुखर्जी आवासीय योजना पर न्यायालय की रोक, मंदिर भूमि व तेजाजी की नाड़ी पर प्लॉट काटने का मामला

मोहम्मद इक़बाल,, अजमेर। 5जून,माखुपुरा क्षेत्र में स्थित तेजाजी की नाड़ी, तेजा मंदिर, शिव मंदिर एवं शीतला माता मंदिर की भूमि पर प्लॉट काटे जाने के मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी आवासीय योजना पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रणजीत सिंह रावत निवासी नया बड़गांव तथा भंवरलाल रावत निवासी माखुपुरा ने अपने अधिवक्ताओं मान सिंह रावत, अनीता रावत, रुबीना बानो, डिंपल रावत, हर्षित रावत एवं टीना रावत के माध्यम से सिविल जज संख्या-1 अजमेर के न्यायालय में प्रतिनिधि वाद एवं अस्थायी निषेधाज्ञा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। वाद में बताया गया कि माखुपुरा स्थित तेजा मंदिर, शिव मंदिर एवं शीतला माता मंदिर करीब 250 से 300 वर्ष पुराने धार्मिक स्थल हैं, जहां वर्षों से मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं धार्मिक आयोजन होते आ रहे हैं। साथ ही मंदिर परिसर एवं आसपास का क्षेत्र खेल मैदान के रूप में भी उपयोग में लिया जाता है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी आवासीय योजना के अंतर्गत तेजाजी की नाड़ी, मंदिर भूमि तथा आसपास के क्षेत्र में 45 आवासीय प्लॉट विकसित कर लॉटरी के माध्यम से आवंटित कर दिए। आरोप है कि शीतला माता मंदिर के हिस्से में भी प्लॉट काटे गए हैं, जबकि धार्मिक स्थलों एवं नाड़ी क्षेत्र की भूमि पर इस प्रकार का आवंटन नियमों के विपरीत है। वादियों ने न्यायालय से योजना पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में प्लॉटधारकों द्वारा निर्माण कार्य किए जाने से मंदिरों, मेले के मैदान तथा सार्वजनिक उपयोग की भूमि को नुकसान पहुंच सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने वादियों के पक्ष को प्रथम दृष्टया स्वीकार करते हुए तेजा मंदिर, शिव मंदिर, शीतला माता मंदिर, खेल मैदान, तेजाजी की नाड़ी सहित संपूर्ण श्यामा प्रसाद मुखर्जी आवासीय योजना पर आगामी आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने एवं रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश अजमेर विकास प्राधिकरण के विरुद्ध पारित किया गया है। मामले को लेकर क्षेत्रवासियों में चर्चा का माहौल है तथा अब सभी की निगाहें न्यायालय में होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

+