राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद में गैर-सिंधी निदेशक नियुक्ति पर सिंधी समाज में रोष, सिंधी भाषी निदेशक की मांग तेज
अजमेर, 04 जून। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली में पुनः गैर-सिंधी भाषी निदेशक की नियुक्ति किए जाने पर सिंधी समाज में नाराजगी व्याप्त है। समाज के विभिन्न संगठनों और प्रतिनिधियों ने परिषद में सिंधी भाषी निदेशक नियुक्त करने की मांग उठाई है। सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र सचदेव ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देश में सिंधी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि होने के बावजूद परिषद में सिंधी भाषी निदेशक की नियुक्ति नहीं हो पाना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद का उद्देश्य सिंधी भाषा और संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ऐसे में इसके शीर्ष पदों पर सिंधी भाषी व्यक्तियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पूर्व निदेशक रवि प्रकाश टेकचंदानी के कार्यकाल पूर्ण होने के बाद सिंधी समाज को उम्मीद थी कि परिषद में किसी योग्य सिंधी भाषी व्यक्ति को निदेशक बनाया जाएगा, लेकिन पुनः गैर-सिंधी भाषी प्रोफेसर हितेंद्र कुमार मिश्रा की नियुक्ति कर दी गई। राजेन्द्र सचदेव ने पूज्य सिंधी पंचायत अजमेर के अध्यक्ष राजेन्द्र मूरजानी एवं संस्थापक महासचिव रमेश लालवानी से चर्चा करते हुए कहा कि जब परिषद का सलाहकार मंडल, उपाध्यक्ष और निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सिंधी भाषी प्रतिनिधित्व नहीं होगा तो सिंधी भाषा के समुचित विकास की अपेक्षा करना कठिन है। नई दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत भाटिया ने भी इस नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सिंधी भाषा के विकास और संरक्षण के लिए परिषद में सिंधी समाज की भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस विषय पर पूज्य सिंधी पंचायत अजमेर के संरक्षक टहलगिरी गोस्वामी, प्रमुख मुखी रमेश लालवानी, राजेन्द्र मूरजानी, मंधाराम भिरयानी, तेजभान आसवानी, शंकर छत्तानी, इन्द्र विधानी, दीपक नवलानी, विजय खेमानी, राधाकिशन हरवानी, रमेश दतवानी, किशोर मंगलानी, रमेश शिवनानी, गोविन्द लालवानी, दिनेश मूरजानी, राजू भक्तानी, रमेश मूरजानी, दुल्हानोमल रामचन्दानी सहित अनेक समाजजनों ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के निदेशक पद पर किसी योग्य सिंधी भाषी व्यक्ति की नियुक्ति करने की मांग की है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सिंधी भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए परिषद में सिंधी समाज की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
- Posted By:- Abdul Qadir || Date:- 04 June 2026
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