भक्त प्रह्लाद की भक्ति और नृसिंह अवतार की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु ,श्री बालाजी की बगीची में श्रीमद् भागवत कथा रस वर्षण

आशा खत्री,, किशनगढ़ 3 जून, मदनगंज,किशनगढ़- धार्मिक परोपकारिणी समिति के अंतर्गत श्री बालाजी की बगीची समिति के तत्वावधान मे सप्त दिवसीय श्री मद् भागवत कथा रस वर्षण के अन्तर्गत कथा के तीसरे दिवस व्यास पीठ पर विराजमान कथावाचक आचार्य पंडित अशोक व्यास का यजमान परिवार श्याम सुंदर, पूनम चन्द्र, अमित कुमार, मोहित अग्रवाल परिवार द्वारा मंगलाचरण के साथ गुरु वन्दना से कथा का शुभारंभ हुआ। कथावाचक आचार्य पंडित अशोक व्यास ने बताया की जेष्ठ पुरुषोत्तम मास मे श्री मद् भागवत कथा का श्रवण करने का सुअवसर प्राप्त होना ही प्रभु की असीम कृपा है। इस कलिकाल मे हरि का स्मरण भजन ही जीव को भव सागर से पार लगाता है। भगवान के परम भक्त अजामिल का सुन्दर वर्णन भावनात्मक रूप से भक्तिभाव को प्रभु के श्री चरणो मे सर्वत्र सर्मपण के साथ वृत्रासुर राक्षस ने ब्रह्मा की भक्ति कर वरदान प्राप्त कर देवताओ को युद्ध मे पराजित कर र्स्वग लोक पर अपना आधिपत्य स्थापित कर ऋषि मुनियो को प्रताड़ित करने पर धर्म की रक्षा के लिए भगवान नारायण ने अवतार लेकर वृत्रासुर राक्षस का वध किया। हिरणा कश्यप भक्तिभाव से वरदान प्राप्त कर भगवान से वरदान प्राप्त किया।ना अस्त्र से मरु ना शस्त्र से, ना दिन मे मरु ना रात मे, ना घर मे मरु ना बाहर, नाही बारह महिने मे अन्त हो तब भगवान ने पुरुषोत्तम मास को प्रकट किया पृथ्वीलोक पर दुराचारीयो ने आतंकित किया। श्री हरि की कृपा से उसी के घर भक्त प्रहलाद का जन्म हुआ। भक्त प्रहलाद बचपन से ही नारायण नाम की ही महिमा का ध्यान करना सदैव नारायण नाम का उच्चारण करने के कारण हिरणा कश्यप नाराज होकर यातना देने लगे।पहले समझाया नही मानने पर यातना देना प्रारम्भ किया। विष पान करवाया, विषैले सर्प से डसवाया, पहाड़ी से धक्का दिया गया। फिर भी भक्त प्रहलाद का अहित न होने पर होलिका अपनी बहन के साथ अग्नि मे जलवाया गया। फिर भी नारायण के नाम का उच्चारण करते रहने पर खम्बे से भगवान नरसिहं का प्राकट्य हुआ और हिरणाकश्यप का वध किया। फिर राजा बलि ने सौ अश्व मेघ यज्ञ करने के कारण ईन्द्र को ईन्द्रासन छीन जाने के भय से नारायण भगवान से अनुरोध किया तब श्री हरि विष्णु ने वामन अवतार धारण कर राजा बलि का मान भग करने के लिए तीन पग जमीन दान माग कर राजा बलि को भवसागर से पार कर श्री हरि विष्णु ने दर्शन देकर उदार किया। इसी प्रकार भक्तवसल भगवान ने अपने अवतार का सुन्दर चित्रण श्री मद् भागवत कथा रस वर्षण मे प्राणीमात्र को पुरुषोत्तम मास मे श्रवण मात्र से भव सागर पार करता है। धार्मिक परोपकारिणी समिति के महामंत्री सुभाष सेठी कुचील ने बताया कि आचार्य श्री एवं अतिथियों का स्वागत बालाजी बगीची समिति के संयोजक निरंजन वैद,सह संयोजक प्रहलाद काबरा, किशनगोपाल काकड़ा, प्रेम सागर शर्मा, राजेन्द्र ईनाणी, कमल किशोर राठी, रुपनारायण अग्रवाल, ललित काकड़ा, सुशील दाधीच, लवसागर शर्मा धार्मिक परोपकारिणी समिति के अध्यक्ष राधेश्याम बियाणी, उपाध्यक्ष पंडित देवीलाल शास्त्री, ,अमित अग्रवाल, राकेश शर्मा, धन्ना लाल यादव,अंकुश अग्रवाल बिठ्ठल दरगड, द्वारा महाराज श्री का स्वागत किया भागवत कथा का महिलाओ व पुरुषो की अपार जन समूह ने रसपान किया। प्रचार संयोजक सुशील दाधीच ने बताया कि मंच संचालन प्रेम सागर शर्मा ने किया l

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