राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद का शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया आयोजित

मोहम्मद नज़ीर क़ादरी अजमेर 30अप्रैल, बड़ी संख्या में परिषद के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न समुदायों की महिलाएं एकत्रित हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग उठाई। परिषद के राष्ट्रीय महासचिव उदित नारायण ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और कानून के अनुरूप किया गया है। उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि पीड़िता के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो परिषद आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।” दिल्ली गेट क्षेत्र की रहने वाली युवती और उसके परिवार के साथ कथित रूप से दरगाह थाना पुलिस कर्मियों तथा जयपुर पुलिस के कुछ कर्मचारियों द्वारा मारपीट की गई। आरोप है कि पुलिसकर्मी बिना अनुमति घर में घुसे और परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया। इतना ही नहीं, युवती के दो भाइयों को बिना किसी गिरफ्तारी वारंट के लगभग 56 घंटे तक अलग-अलग स्थानों पर रखा गया, जो कि कानून के गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है। घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजनों ने अजमेर पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन आरोप है कि इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद परिवार ने उच्च अधिकारियों से न्याय की उम्मीद में आईजी कार्यालय में भी शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन वहां से भी अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई सामने नहीं आई है। इसी निष्क्रियता के विरोध में राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद ने यह धरना आयोजित किया। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय महिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सना खान ने कहा कि यदि कानून के रखवाले ही कानून का उल्लंघन करेंगे, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। धरने में विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। विभिन्न धर्मों और समुदायों की महिलाओं ने एकजुट होकर पीड़िता के समर्थन में आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने की मांग रखी साथ ही, पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात भी कही गई।इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव उदित नारायण, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष ( अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ) सना खान, राष्ट्रीय महिला प्रभारी टीना शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष रसीदा खान, it प्रभारी मयंक सेन,युथ विंग देवांशु शर्मा व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे

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