“स्मार्ट सिटी के दावे फेल: अजमेर में कचरा डिपो से व्यापारी परेशान, हटाने की उठी मांग”

अजमेर 25अप्रैल स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले व्यापारिक महासंघ ने उठाए गंभीर मुद्दे, बाजारों की हालत सुधारने की अपील, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित स्मार्ट सिटी योजना के तहत अजमेर को विकसित किया जाना था, लेकिन शहर के व्यापारियों का कहना है कि आज तक अजमेर “स्मार्ट सिटी” नहीं बन पाया है। श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र मूरजानी और महासचिव रमेश लालवानी ने स्वच्छता सर्वेक्षण टीम से अपील की है कि वे शहर के सभी बाजारों का वास्तविक निरीक्षण करें। उन्होंने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है, साथ ही यूरीनल्स की कमी, सड़कों पर आवारा पशु और गंदगी जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। गंज क्षेत्र में पुलिस थाने के पीछे, नगर निगम गोदाम, यूनानी चिकित्सालय और प्राचीन सिंधी शिव मंदिर के पास स्थित कचरा डम्पिंग यार्ड को लेकर व्यापारियों ने विशेष नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यहां कचरा डंप होने से आसपास के दुकानदारों, स्थानीय निवासियों, जायरीनों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। डम्परों की आवाजाही के कारण रास्ते खराब हो चुके हैं और नालों के कवर भी टूट गए हैं। दिनभर और रात तक कचरे की बदबू फैलती रहती है, जिससे पूरा क्षेत्र प्रभावित होता है। व्यापारियों ने कई बार प्रशासन को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महासंघ के पदाधिकारियों ने भजन लाल शर्मा , दिया कुमारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि इस कचरा डिपो को जल्द से जल्द शहर के बाहर शिफ्ट किया जाए, ताकि अजमेर को वास्तव में स्वच्छ और स्मार्ट बनाया जा सके। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।

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