महिला आरक्षण का झूठा ढोल- डॉ प्रभा ठाकुर

अजमेर 18 अप्रैल, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ प्रभा ठाकुर ने आरोप लगाया है कि 2023 के बाद एक बार फिर भा.ज.पा. ने महिला आरक्षण का झूठा ढोल बजाकर देश की महिलाओं के विश्वास को ठगा है। पुरानी कहावत है कि गरजने वाले बादल बरसते नहीं। यह कहावत पूरी तरह लागू होती है भाजपा के दोहरे चरित्र पर। पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी के मन में महिलाओं के सशक्तीकरण की भावना थी, तो उन्होंने बिना ढोल बजाये ही आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से पिछड़ी नारी जाति को पंचायतों, नगर निगमों, परिषदों एवं निकायों में तैंतीस प्रतिशत आरक्षण देकर देश के विकास संबंधी निर्णयों में महिलाओं की भूमिका को महत्त्व दिया। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने श्री राजीव गांधी के इस महत्त्वपूर्ण योगदान का ढोल बजाकर इसका बार बार क्रेडिट लेने का भी प्रयास नहीं किया बल्कि श्री मनमोहन सिंह जी की कांग्रेस के नेतृृत्व वाली सरकार के समय श्रीमती सोनिया गांधी जी ने राजीव गांधी जी की इस बहुमूल्य देन को संपूर्ण करने का निर्णय किया। मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में लोकसभा में कांग्रेस के सांसदों की संख्या कम थी तो महिला आरक्षण विधेयक को राज्यसभा में पारित करा दिया। कानून के अनुसार राज्यसभा में पारित विधेयक खारिज नहीं होता, वह संसद की पूँजी के रूप में सुरक्षित रहता है। केन्द्र की भाजपा सरकार की अगर सचमुच महिलाओं को आरक्षण देने की नीयत होती, तो इतना दिखावा करने की बजाय, 2008-10 में राज्यसभा में पारित विधेयक को लोकसभा में लाती, लोकसभा में भाजपा का बहुमत है, यह विधेयक आसानी से पारित होकर कानून बन जाता। न तो दुबारा इस लंबी प्रक्रिया की आवश्यकता थी, न दुबारा इसे राज्यसभा में पारित कराने की जरूरत थी। नारी जाति को आरक्षण का लालीपोप दिखाने की बजाय, यदि सचमुच बी.जे.पी. की नीयत महिलाओं को पंचायतों और नगर परिषदों की भाँति विधानसभा और लोकसभा में भी 33 प्रतिशत सीटें देने की होती, तो वे इसे परिसीमन के साथ नहीं लपेटते। केवल महिला आरक्षण विधेयक को प्रस्तुत करते, और बी.जे.पी. के केन्द्र सरकार जैसे अपने महत्त्व के अन्य सभी विधेयक पास कराके कानून बना देती है, वैसा ही करती। राजस्थान की पिछली गहलोत सरकार की भावना थी, तो सरकार ने महिलाओं को छात्राओं को शिक्षा, चिकित्सा, स्वरोजगार, पेंशन, मजदूरी, कृषि कार्यों आदि विविध क्षेत्रों में महिलाओं को लाभ पहुँचाया, उनकी माँगों पर ध्यान दिया। महिलाओं को शिकायत है कि आज राजस्थान में भी उनकी शिकायतों पर भा.ज.पा. सरकार ध्यान नहीं दे रही। नारी जाति को मूर्ख समझने वाले लोग समझ लें कि देश की यह आधी आबादी बी.जे.पी. के ढकोसलों को अब अच्छी तरह समझ गई है।

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