सम्राट पृथ्वीराज चैहान के किले तारागढ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करे:राकेश विस्नावत

अजमेर 18 अप्रेल 2026 सम्राट पृथ्वीराज चैहान के किले तारागढ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करके युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किये जाये।उपरोक्त विचार सम्राट पृथ्वीराज चैहान की जयन्ति मनाये जाने से पूर्व हरि ओम काॅलोनी चन्द्रवरदाई नगर में श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ व जन सेवा समिति के संस्थापक व महासचिव रमेश लालवानी के कार्यालय में आयोजित वीरो की भूमि अजमेर राजस्थान विषय पर आयोजित वैचारिक गोष्ठी में समा्रट पृथ्वीराज चैहान के फैन राकेश कुमार विसनावत ने शनिवार को व्यक्त किये।कार्यक्रम संयोजक रमेश लालवानी ने बताया िकइस अवसर पर विस्नावत ने पृथ्वीराज चैहान को तृतीय (शासनकालरू 1178-1192) जिन्हें आम तौर पर पृथ्वीराज चैहान कहा जाता है को चैहान वंश के राजा बताया।उन्होंने वर्तमान उत्तर-पश्चिमी भारत में पारम्परिक चैहान क्षेत्र सपादलक्ष पर शासन किया।उन्होंने वर्तमान राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से पर भी नियन्त्रण किया।उनकी राजधानी अजयमेरु (आधुनिक अजमेर) में स्थित थी, हालाँकि मध्ययुगीन लोक किंवदन्तियों ने उन्हें भारत के राजनीतिक केंद्र दिल्ली के राजा के रूप में वर्णित किया है।इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में राकेश विसनावत का मोतियो की मलाऐ पहनाकर,साफा पहनाकर, शाॅल पहनाकर और राधास्वामी सत्संग डेरा बाबा जैमल सिंह डेरा ब्यास अमृतसर से प्रकाशित आध्यात्मिक साहित्य हक हलाल की कमाई भेंट करके सम्मानित किया गया।इस अवसर पर भजन सिंह,श्रीमती जसोता,इन्द्राजकुमार,प्रियेश लालवानी,सुधन वर्मा,राकेश भाई,तरूण वर्मा एवं अन्य सम्म्लित थे।

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