ओवैसी-बेनीवाल की मुलाकात ने बढ़ाई राजस्थान की सियासी हलचल, नए गठजोड़ के कयास निकाय चुनाव से पहले दिल्ली में हुई मुलाकात, जाट-मुस्लिम समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज
नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान की राजनीति में शुक्रवार को हुई एक मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को नई हवा दे दी है। RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिसके बाद राजस्थान की राजनीतिक गलियों में संभावित नए समीकरणों को लेकर कयास लगाए जाने लगे हैं। मुलाकात ऐसे वक्त हुई है, जब राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले चुनावों में किसी नए राजनीतिक तालमेल की शुरुआत हो सकती है। जाट-मुस्लिम समीकरण की चर्चा हनुमान बेनीवाल का प्रभाव राजस्थान के जाट और ग्रामीण मतदाताओं के बीच माना जाता है, जबकि असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने में जुटी है। दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद अब जाट-मुस्लिम समीकरण को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों की नजर इस बात पर है कि क्या दोनों दल निकाय चुनाव में एक-दूसरे के साथ किसी स्तर पर तालमेल करते हैं। यदि ऐसा होता है और इसका चुनावी फायदा मिलता है, तो भविष्य में इस प्रयोग को विधानसभा चुनाव तक ले जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो सकती है। कांग्रेस और भाजपा के लिए क्या मायने? राजस्थान में AIMIM की बढ़ती सक्रियता कांग्रेस के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक के लिए चुनौती बन सकती है। दूसरी ओर RLP कई जाट बहुल और ग्रामीण क्षेत्रों में मुकाबले को प्रभावित करने की स्थिति में है। ऐसे में यदि दोनों दलों के बीच चुनावी समझ बनती है, तो इसका सीधा असर कुछ सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के चुनावी गणित पर पड़ सकता है। हालांकि, अभी तक किसी गठबंधन, सीट बंटवारे या चुनावी समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। मुलाकात के बाद बढ़ा इंतजार फिलहाल ओवैसी और बेनीवाल की मुलाकात ने राजस्थान की राजनीति में संभावनाओं का नया अध्याय जरूर खोल दिया है। निकाय चुनाव में दोनों दलों की रणनीति क्या रहती है और क्या यह मुलाकात किसी बड़े राजनीतिक तालमेल की ओर बढ़ती है, यह आने वाला समय बताएगा। सवाल अब यही है—क्या दिल्ली की यह मुलाकात राजस्थान में नए सियासी समीकरण की शुरुआत है या फिर महज राजनीतिक संवाद? आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के अगले कदम पर राजस्थान की सियासत की नजर रहेगी।
- Posted By:- Abdul Qadir || Date:- 14 August 2026
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