अजमेर में मेयर पद को लेकर सियासी हलचल तेज वार्ड आरक्षण की लॉटरी के साथ बदलेंगे राजनीतिक समीकरण, भाजपा-कांग्रेस में संभावित महिला चेहरों पर मंथन
अजमेर। नगर निगम के 80 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी के साथ ही अजमेर में मेयर पद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में संभावित महिला चेहरों को लेकर अंदरूनी स्तर पर मंथन की चर्चा है। वार्डों का आरक्षण तय होने के बाद कई दावेदारों के राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना है। भाजपा में कई महिला चेहरों के नाम चर्चा में भाजपा में संभावित महिला दावेदारों के तौर पर महिला मोर्चा की वर्तमान अध्यक्ष एवं पार्षद भारती श्रीवास्तव, भाजपा शहर महामंत्री राजेश शर्मा की पत्नी एवं पार्षद नलिनी शर्मा, पूर्व लोक अभियोजक एवं निवर्तमान पार्षद अजय वर्मा की पत्नी श्रीमती राज उपाध्याय, रुबी जैन, पार्षद प्रतिभा पराशर और पार्षद अंजना शेखावत के नाम राजनीतिक चर्चाओं में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेताओं की नजर भी मेयर पद पर बताई जा रही है। यदि आरक्षण की स्थिति अनुकूल रहती है तो ऐसे नेता अपनी पत्नी या परिवार की महिला सदस्य को चुनाव मैदान में उतारकर मेयर पद की दावेदारी मजबूत करने का प्रयास कर सकते हैं। प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों पर भी नजर राजनीतिक गलियारों में भाजपा शहर अध्यक्ष रमेश सोनी के परिवार से संभावित महिला दावेदारी को लेकर भी चर्चा है। वहीं पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत के परिवार से महिला उम्मीदवार के मैदान में उतरने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष एवं एडीए चेयरमैन रहे शिव शंकर हेड़ा के परिवार से उनकी बहू श्रीमती अंबिका हेड़ा का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। इसके साथ ही पार्षद हेमलता बंसल भी संभावित चेहरों में शामिल बताई जा रही हैं। अजमेर के प्रथम मेयर एवं पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत की पत्नी श्रीमती हेमा गहलोत के नाम की भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है। वहीं अजमेर उत्तर विधानसभा चुनाव में बागी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके ज्ञान सारस्वत के परिवार से महिला उम्मीदवार के सामने आने की संभावना को लेकर भी चर्चाएं हैं। पार्षद डिंपल शर्मा, जो जे.के. शर्मा की पत्नी हैं, का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। कांग्रेस में भी संभावित महिला चेहरों पर नजर भाजपा के साथ कांग्रेस में भी मेयर पद के लिए संभावित महिला चेहरों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कांग्रेस की ओर से शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल की बहू तानिया जैन का नाम चर्चा में बताया जा रहा है। इसी तरह शहर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं लोक अभियोजक विवेक पाराशर की पत्नी नूतन पाराशर को भी संभावित महिला उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पीसीसी सचिव महेंद्र सिंह रलावता तथा निगम के पूर्व आयुक्त गजेंद्र रलावता के परिवार से भी महिला उम्मीदवार के चुनाव मैदान में उतरने की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं हैं। हालांकि इन नामों को लेकर पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। मुस्लिम समाज से भी महिला चेहरे की चर्चा कांग्रेस की संभावित रणनीति में यदि मुस्लिम समाज से महिला चेहरे को मौका देने की स्थिति बनती है तो एडवोकेट सैयदा वाहेदा चिश्ती का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा में बताया जा रहा है। हालांकि अभी किसी भी नाम को पार्टी ने आधिकारिक तौर पर मेयर पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। लॉटरी के बाद साफ होगी तस्वीर नगर निगम के 80 वार्डों में 42 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए हैं, जिनमें 14 वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित रहेंगे। ऐसे में मेयर पद की संभावित दावेदारियों के लिए सबसे अहम यह होगा कि आरक्षण की लॉटरी में कौन-कौन से वार्ड सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित होते हैं। पूर्व में किसी विशेष वर्ग के लिए आरक्षित रहे वार्ड इस बार उसी श्रेणी में रहें, यह जरूरी नहीं है। ऐसे में आरक्षण की लॉटरी कई संभावित दावेदारों के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकती है। फिलहाल अजमेर की राजनीतिक नजरें आरक्षण की लॉटरी पर टिकी हुई हैं। लॉटरी के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है कि कौन से संभावित चेहरे चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति में होंगे और भाजपा तथा कांग्रेस में से कौन-सा दल मेयर पद के लिए किस महिला चेहरे पर दांव लगाता है। हालांकि, सभी नाम फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं और संभावनाओं पर आधारित हैं। अंतिम उम्मीदवार का फैसला संबंधित पार्टी नेतृत्व द्वारा ही किया जाएगा।
- Posted By:- Abdul Qadir || Date:- 13 August 2026
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